Thursday, Jun 11, 2026 | Last Update : 11:21 PM IST
वैंकेया नायडू को घर में सब नाना कहकर पुकारते हैं। वह रोजाना सुबह 5:45 पर उठ जाते हैं और चाय, कॉफी, दूध जैसी कोई भी चीज नहीं लेते हैं। नाश्ते में उन्हें सिर्फ इडली डोसा ही खाना पसंद है। रोजाना रात को 10:00 बजे सो जाते हैं। उन्हें खेल में बैडमिंटन बहुत पसंद है। इसलिए वह नियम से बैडमिंटन खेलते हैं और बचपन में उन्हें कबड्डी खेलना बहुत पसंद था। इसलिए शाखा में उनका दिलचस्प बढ़ा। उनके पास स्मार्टफोन है परंतु वह उसके फीचर के बारे में बिल्कुल भी नहीं जानते। उन्हें सिर्फ इनकमिंग और जरूरी कॉल करना ही आता है।
उन्होंने अपने करियर में बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की। 1980 में बीजेपी यूथ विंग के नेता बने, फिर उन्हें आंध्र प्रदेश में विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया। 1988 में आंध्र बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया गया।
-1993 से 2000 इन सालों में इन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव पद पर नियुक्त किया गया। 2002 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, फिर 2004 में वह दोबारा अध्यक्ष बने।
1947 में इनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ। वेंकैया ने नेल्लोर विजयवाड़ा के आंदोलन का नेतृत्व किया। 1974 में वे आंध्र विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष के पद के लिए चुने गए।
स्कूली शिक्षा इन्होंने नेल्लोर के वी. आर. हाई स्कूल में पूरी की। वीआर कॉलेज से राजनीति, विशाखापटनम के आंध्र यूनिवर्सिटी ऑफ़ कॉलेज एंड लॉ से लॉ की डिग्री हांसिल की।
वेंकैया नायडू ने एक किसान परिवार में जन्म लिया था। पिता का नाम रंगैया नायडू और माता का नाम रामानम्मा था। इनका परिवार एक समृद्ध परिवार था। इन्हें राजनीति समझना बचपन से ही अच्छा लगता था।
जब ये कॉलेज में थे तब से ही इन्हें दक्षिणपंथी विचारधारा पसंद थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में स्वयंसेवक भी रह चुके है। जल्द ही ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य बन गए। सफलता को हांसिल करते हुए इन्हें स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष का पद मिल गया।
...
Leave a Comment
Recent Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!