यूपी बोर्ड में छात्रों को दिए जाते है ग्रेस मार्क्स, ताकी छात्र ना हो फेल

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यूपी बोर्ड में छात्रों को दिए जाते है ग्रेस मार्क्स, ताकी छात्र ना हो फेल

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने आज १०वीं और १२वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया है। हाईस्कूल में कानपुर के गौतम रघुवंशी और इंटर में बागपत की तनु तोमर ने टॉप किया है। 
Apr 27, 2019, 2:57 pm ISTNationAazad Staff
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने आज १०वीं और १२वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित कर दिया है। लोकसभा चुनाव के मद्दे नजर इस साल परीक्षा में ज्यादा सख्ती नहीं की गई।  इस साल १०वीं में ८०.०७ छात्र और १२वीं में ७०.०६ स्टूडेंट्स पास हुए हैं।

बता दें कि यूपी बोर्ड में मॉडरेशन और ग्रेस नंबर की आड़ में परीक्षार्थियों को जमकर नंबर दिए जाते  हैं। चुनाव होने के कारण परिणाम में अधिक सख्ती नहीं की गई है।
यूपी बोर्ड के नियम इतने लचीले हैं कि यदि किसी छात्र ने एक नंबर का भी सही सवाल किया है तो उसे ३० -३५ अंक तक मिल सकते हैं। असल में बोर्ड हाईस्कूल और इंटर में क्रमश: २० व १८ नंबर तक ग्रेस मार्क्स देता है। लेकिन ग्रेस उसी को मिलते हैं जिसे लिखित परीक्षा में जीरो नंबर न मिले हों। मान लीजिए किसी छात्र को हाईस्कूल साइंस की लिखित परीक्षा में एक नंबर मिला है और वह उसी में फेल हो रहा है। तो बोर्ड उसे २० नंबर तक ग्रेस दे सकता है।

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इसके बाद यदि १२ या १४ नंबर मॉडरेशन के तहत सभी छात्रों को मिले तो उस एक नंबर वाले छात्र को ३३ या ३५ नंबर तक मिल जाएंगे। इसी प्रकार इंटर में यदि किसी छात्र को जीव विज्ञान में तीन नंबर मिले और वह उसी में फेल हो रहा है तो उसे बोर्ड अधिकतम १८ नंबर ग्रेस मार्क्स दे सकता है। उसके बाद इसी विषय में मॉडरेशन के तहत १० या १२ नंबर बोर्ड देता है तो उस परीक्षार्थी को कुल ३३ नंबर तक मिल जाएंगे। यूपी बोर्ड में यह नियम २०११ से ही लागू है।

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