गंगा एक्ट को लेकर 112 दिनों के अनशन पर बैठे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का निधन
गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट की मांग कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का गुरुवार को निधन हो गया। 86 वर्षीय सानंद अविवाहित थे। स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने एम्स ऋषिकेश को अपनी देह दान की हुई थी, लिहाजा पार्थिव शरीर को अभी एम्स में ही रखा गया है।
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गंगा को प्रदूषण से मुख्त कराने व गंगा के लिए प्रभावी कानून बनाने को लेकर 112 दिनों से अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (प्रोफेसर गुरुदास अग्रवाल) का गुरुवार को निधन हो गया।लंबे समय से अनशन पर बैठ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार चल रहा था।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद को हरिद्वार स्थित मातृसदन से लाकर एम्स मे भर्ती कराया गया था। डाक्टरों के अनुसार उनके शरीर में पोटेशियम और ग्लूकोज निचले स्तर पर आ गया था, इसकी वजह से दोपहर में उन्हें हृदयघात आया। बता दें कि मंगलवार से उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया था।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के निधन पर दुख व्यक्त किया। ट्वीट में कहा कि शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण, विशेषकर गंगा स्वच्छता के प्रति उनका जुनून हमेशा याद रखा जाएगा। मेरी श्रद्धांजलि।
बता दें कि स्वामी ज्ञान स्वरूप ने अपने मांग के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखा था। उन्होंने प्रधानमंत्री से गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास करवाने की अपील की थी। खबरों के अनुसार स्वामी इस साल 22 जून से ही आमरण अनशन पर थे।
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