Wednesday, Jun 17, 2026 | Last Update : 11:50 AM IST
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या जमीन विवाद मामले की सुनवाई २६ फरवरी को होगी। जजों की पांच सदस्य पीठ में शामिल जस्टिस एसए बोबडे छुट्टी से लौट आए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले २९ जनवरी को जज के छुट्टी पर जाने के कारण सुनवाई को रोक दिया गया था।
वहीं १० जनवरी को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की थी तो मुस्लिम पक्षकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने पीठ में न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे। जिसके बाद यूयू ललित पीठ से हट गए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने उनके स्थान पर एसए बोबडे को शामिल किया है।
-सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पांच जजों की बेंच चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, एस ए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नज़ीर की संविधान पीठ में यह मामला सुना जायेगा।
अयोध्या विवाद हिंदू मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। अयोध्या की विवादित जमीन पर हिंदूओं ने दावा किया था कि इस स्थान पर राम मंदिर है।उनकी मान्यता है कि विवादित जमीन पर ही भगवान राम का जन्म हुआ। इसके साथ ही हिंदुओं का यह भी दावा है कि राम मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई।
सन १५३० में बाबर के सेनापति मीर बाकी ने मंदिर गिराकर मस्जिद बनवाई थी। समय के साथ साथ ये मुद्दा गरमाता चला गया और ९० के दशक में राम मंदिर का ये मुद्दा राजनीतिक रुप ले लिया और ६ दिसंबर १९९२ में कई राजनीतिक पार्टियों ने मिल कर मस्जिद को गिरा दिया। जिसके बाद देश भर में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था।
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