Tuesday, Jun 16, 2026 | Last Update : 12:57 PM IST
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर अपने गलत ट्वीट के कारण सोशल मीडिया में चर्चा में बने हुए है। दरअसल, थरूर (Shashi Tharoor) ने ट्विटर पर तीन शेर लिखे जो यूं थे - 'ख़ुदा की मोहब्बत को फ़ना कौन करेगा? सभी बंदे नेक हों तो गुनाह कौन करेगा? ऐ ख़ुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना, वरना मेरी सलामती की दुआ कौन करेगा और रखना मेरे दुश्मनों को भी महफ़ूज़, वरना मेरी तेरे पास आने की दुआ कौन करेगा. ' थरूर ने आगे लिखा कि मिर्ज़ा ग़ालिब की २२०वीं सालगिरह। कितने महान शेर।
उनके इस ट्वीट के बाद तमाम लोगों ने उन्हें इस बात की जानकार दी कि ना तो ये शेर मिर्ज़ा ग़ालिब के है और ना ही उनकी कोई सालगिरह थी। इन सब के बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर भी शामिल थे जिन्होंने थरुर की इस गलति को सुधारते हुए ट्वीट कर लिखा - 'शशि जी, जिस किसी ने आपको ये लाइनें दी हैं उसपर कभी भरोसा मत कीजिएगा। साफ़ है कि किसी ने ये लाइनें आपके ज़ख़ीरे में इस मक़सद से रख दीं ताकि आपकी साहित्यिक साख को नुक़सान पहुंचा जा सके है।
-हालांकि जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर थरूर ने री- ट्वीट करते हुए लिखा - 'जावेदजी और दूसरे मित्रों का शुक्रिया, यह अहसास दिलाने के लिए कि मैंने क्या किया था। जिस तरह से हर उद्धरण को विन्स्टन चर्चिल के नाम समर्पित कर दिया जाता है, उसी तरह लगता है कि जब लोग शायरी को पसंद करते हैं तो वे उसका श्रेय ग़ालिब को दे देत हैं। मैं माफी मांगता हूं।'
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