Wednesday, Jun 17, 2026 | Last Update : 09:27 AM IST
स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के ४०वें सेशन में भारत में हुए पुलवामा आंतकी हमले की कड़ी निंदा की गई है। पीओके सिंध और खैबर पख्तूनख्वा के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस हमले पर कड़ी निंदा जताई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीओके के मानवाधिकार कार्यकर्ता एम हसन ने कहा कि ये सभी आतंकवादी कैंप ग्रुप को खत्म करने का वक्त है जैसा कि पीओके या पाकिस्तान में है। आगे कहा कि पाकिस्तान सरकार को जिम्मेदारी लेने और इन गैर-राज्य गतिविधियों से छुटकारा पाने की आवश्यकता है। वे न केवल स्थानीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय शांति को भी नष्ट कर रहे हैं।
-बैठक के दौरान कहा गया कि पाकिस्तान अपनी धरती से आतंकी शिविरों को नष्ट करे। इतना ही नहीं कहा कि दुनिया को आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वालों की निंदा करनी चाहिए. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने यूएनएचआरसी की बैठक में पाकिस्तान के अत्याचार और आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति की भी आलोचना करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई एक बैठक में पीओके के एक्टिविस्ट शौकत अली ने कहा कि पाकिस्तान पीओके में जो आतंकी कैंप चला रहा है उनपर रोक लगानी चाहिए और उन आतंकी कैंपों को खत्म करने की मांग भी की।
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