Friday, May 22, 2026 | Last Update : 04:57 PM IST
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ था। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बंगाल के एक प्रसिद्ध शिक्षाविद और न्यायाधीश थे। श्यामा प्रसाद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कलकत्ता में पूरी की और बाद में कलकत्ता विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की।
वह शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सक्रिय थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में, वह कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति (Vice-Chancellor) बने। उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए।
-श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बंगाल विधान परिषद से की। वे हिंदू महासभा के अध्यक्ष भी रहे। स्वतंत्रता के बाद, वे पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में उद्योग और आपूर्ति मंत्री बने। हालांकि, नीतिगत मतभेदों (विशेषकर दिल्ली समझौते) के कारण उन्होंने 1950 में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
1951 में, उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सहयोग से भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आज की भारतीय जनता पार्टी (BJP) का वैचारिक पूर्वज है।
वे कश्मीर को भारत का पूर्ण अंग बनाने के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" का नारा दिया। 1953 में बिना परमिट के कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जहाँ 23 जून 1953 को हिरासत के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।