आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान के वेबिनार में भाग लिया, भारत-अफगानिस्तान संबंध मजबूत करने की पहल

Aazad Staff

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आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी हमारे सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को अपनी कार्यकारी शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण दे रही है, जो पूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित हुआ है।’’

जयपुर, 11 फरवरी, 2021ः भारत-अफगानिस्तान संबंधों को मजबूत करने के मद्देनजर आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने अफगानिस्तान दूतावास द्वारा आयोजित एक वेबिनार में हिस्सा लिया। इस वेबिनार में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कई प्रतिनिधियों ने देश और दुनिया के कोने-कोने से हिस्सा लिया।

अफगानिस्तान के भारत में राजदूत श्री ताहिर कादरी ने इस अवसर पर कहा, ‘‘भारत और अफगानिस्तान के बीच करीबी नाता है। व्यापार, वाणिज्य से लेकर लोगों के बीच रणनीतिक साझेदारी और अफगानिस्तान के छात्रों को दी जाने वाली शैक्षणिक छात्रवृत्ति का लाभ मिल रहा है। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के साथ अफगानिस्तान का जुड़ाव पुराना है। यह तब से हमारे हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने में शामिल रहा है, जब देश काफी कमजोर था। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी हमारे सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को अपनी कार्यकारी शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण दे रही है, जो पूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित हुआ है।’’

श्री ताहिर कादरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. पी आर सोडानी ने उल्लेख किया कि आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने क्षमता निर्माण और 9 वर्षों तक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए अफगानिस्तान के साथ मिलकर काम किया है।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डाॅ. पी आर सोडानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, ‘हमने हमेशा स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया है और एक साथ वर्षों से योगदान कर रहे हैं। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने वर्ष 2018 में कंधार विश्वविद्यालय, अफगानिस्तान के साथ सहयोग किया। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय यूएसए के सहयोग से लगभग 10 वर्षों से आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी अफगानिस्तान में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने अफगानिस्तान के आईएमआर का अनुमान लगाने के लिए पहला सर्वेक्षण किया। विश्वविद्यालय यह उल्लेख करने में गर्व महसूस करता है कि हमने नेतृत्व और सामरिक प्रबंधन, स्वास्थ्य क्षेत्र सुधार, आर्थिक मूल्यांकन, स्वास्थ्य अर्थशास्त्र और वित्त पोषण जैसे अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए कार्यकारी कार्यक्रमों को विकसित और डिजाइन किया है। हर साल हमें अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय से बहुत सारे अनुरोध मिलते हैं और हमारे संबंध मजबूत हुए हैं क्योंकि हम देश के युवा और गतिशील दिमाग को विकसित करने में लगे हैं।’

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ऐसे व्यापक अनुसंधान में शामिल रही है, जो अफगानिस्तान की स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने में उपयोगी रहे हैं। विश्वविद्यालय, अफगानिस्तान और भारत के बीच स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में अच्छी गुंजाइश और अवसर देखती है, जिससे इन दोनों क्षेत्रों को मजबूत किया जा सकता है। विश्वविद्यालय ने हाल में सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने में मदद करने के लिए एसडी गुप्ता स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ लॉन्च किया और अफगानिस्तान के पेशेवरों से इस कार्यक्रम के लिए नामांकन करने का आग्रह किया।

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