शुक्रवार को भारतीय सेना को दो खास उपहार देंगे PM नरेंद्र मोदी

Aazad Staff

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भारतीय सेना को और ताकतवर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें दो बेहतरीन गिफ्ट देने जा रहे हैं। सेना को 31 साल से इसका इंतजार था। इससे शरहद की सुरक्षा और मजबूत होगी। ये तोहफे हैं M-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप और K-9 वज्र बख्तरबंद तोप।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीपावली के मौके पर नौ नवंबर को भारतीय सेना को दो बड़े उपहार देने जा रहे हैं। सेना को 31 सालों से इसका इंतजार था। ये तोहफे हैं M-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप और K-9 वज्र बख्तरबंद तोप। प्रधानमंत्री शुक्रवार को सेना को दोनों तीन-तीन तोप देंगे। इससे भारतीय सेना की आर्टीलरी क्षमता बढ़ेगी। पहले इन तोपों को सितंबर माह में ही भारतीय सेना के बेड़े में शामिल किया जाना था। कुछ तकनीकी वजहों से इन्हें अब सेना को दिया जा रहा है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित देवलाली में होने वाले एक भव्य समारोह में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मौजूदगी में दोनों तोप भारतीय सेना के सुपुर्द कर दी जाएगी।

31 साल पहले मिली थी बोफोर्स: बोफोर्स के बाद 31 सालों में भारतीय सेना को यह द तोप मिलेगी। के-9 बज्र को साउथ कोरिया की कंपनी हनवहा टेक विन ने मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया है। भारत में इस बख्तरबंद तोप का निर्माण एलएंडटी करेगी। वर्ष 2020 तक 100, के-9 वज्र आर्टीलरी तोप भारतीय सेना के पास होंगी। कुल 4500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत सेना को 10 तैयार तोपें मिलेंगी, जबकि 90 का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत होगा।

K-9 वज्र की खासियत: यह तोप तीन सेकेंड में तीन गोले दागने में सक्षम है। न्यूक्लियर वारफेयर केमिकल से निपटने के लिए सीबीआरएन तकनीक से यह तोप लैस है। यह बख्तरबंद तोप 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ सकती है। इसे रेगिस्तानी इलाकों में भी चलाया जा सकता है। इस वजह से यह तोप भारत पाक की राजस्थान और पंजाब सीमा पर बहुत प्रभावी होगी। के-9 वज्र बख्तरबंद तोप को चलाने के लिए इसके अंदर पांच जवान होते हैं। यह 39 किमी. तक अचूक निशाना लगाकर दुश्‍मन को मिटाने की काबिलियत रखती है। इस तोप का कैलिबर 155 एमएम का है। इसका गोला जहां भी गिरेगा वहां 50 मीटर तक सब कुछ तहस-नहस कर देगा। यह तोप दिन और रात में कभी भी फायर करने में सक्षम है।

M-777 की विशेषताएं: प्रधानमंत्री का सेना को दूसरा बड़ा गिफ्ट एम 777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप है। यह प्रोजेक्ट 5000 करोड़ रुपये का है। भारतीय सेना की आर्टीलरी रेजीमेंट में वर्ष 2021 तक कुल 145 एम-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर शामिल होंगी। इसका वजन केवल 4.2 टन है। इसलिए इसे चीनूक हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान से हाई एल्टीटयूट और दूसरे दुर्गम पहाड़ी एरिया में तैनात किया जा सकता है। कारगिल युद्ध के बाद सबसे ज्यादा कमी हाई एल्टीट्यूट वारफेयर की थी। यह तोप 31 किमी तक एक मिनट में चार राउंड फायर कर सकती है। इसका गोला 45 किलो का है। यह 155/39 एमएम की तोप है। इसे चलाने के लिए आठ जवान तैनात होंगे।

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