नास्त्रेदमस एक महान भविष्यवक्ता, जाने उनसे जुड़ी कुछ रोचक बाते

Aazad Staff

Should Know

नास्त्रेदमस एक महान भविष्यवक्ताओं में से एक थे।इन्होने ने अपनी कविताओ के द्वारा भविष्य में होने वाली घटनाओ का वर्णन किया था। 50 वर्षों में उनकी 800 भविष्यवाणियां सत्य हुई है।

नास्त्रेदमस एक महान फ्रेंच भविष्यवक्ता के साथ साथ डॉक्टर और शिक्षक भी थे। ये प्लेग जैसी बिमारियों का इलाज करते थे। इनका जन्म 14 दिसंबर 1503 को फ्रांस के छोटे से गांव सेंट रेमी में हुआ था। युवावस्थ से उन्होंने भविष्यवाणियां करनी शुरु की थी। 550 में नास्त्रेदमस ने अपना खुद का पंचाग भी निकालना शुरू कर दिया था, जिसमें ग्रहों की स्थिति, मौसम और फसलों के बारे में पूर्वानुमान होते थे। उनमें से ज्यादातर सच निकलते थे।

उन्होंने अपनी मशहूर किताब ‘द प्रोफेसीज’ में 950 भविष्यवाणियों का उल्लेख किया है। उनकी अधिकतर भविष्यवाणियां उनके द्वारा लिखी कविताओं और कोड में छिपी होती थीं। एक घटना तो ऐसी थी कि जिससे पूरे यूरोप महाद्वीप में सनसनी फैल गई। एक बार वे अपने दोस्त के साथ इटली की सड़कों पर घूम रहे थे। तभी उन्होंने एक युवक को भीड़ में देखा। जब युवक पास आया तो उन्होंने उसे सिर झुकाकर अभिवादन किया। दोस्त ने हैरान होते हुए इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति आगे चलकर पोप का आसन ग्रहण करेगा। वह व्यक्ति फेलिस पेरेसी थे, जो 1585 में पोप चुने गए।

उन्हें अपनी मौत का भी आभास हो गया था। यहां तक कि उन्होंने कहा था कि उनकी मौत के 225 साल बाद कुछ समाज विरोधी तत्व उनकी कब्र खोदने और अवशेषों को निकालने का प्रयास करेंगे, लेकिन उनकी तुरंत मौत हो जाएगी। वास्तव में ऐसा ही हुआ। फ्रांसीसी क्रांति के बाद 1791 में तीन लोगों ने उनकी कब्र खोदनी चाही, लेकिन उनकी वहीं मौत हो गई। बता दें कि नास्त्रेदमस की सन् 1566 में नास्त्रेदमस की मृत्यु हुई थी।

ऐसा कहा जाता है कि उन्हें अपनी मौत का भी आबास हो गया था। कुछ रिसर्चरों के मुताबिक, नास्त्रेदमस ने अपनी मौत के बारे में भी बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी कर दी थी।  उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा था, मैं बेंच और बिस्तर के नजदीक मृत पाया जाऊंगा। उन्होंने अपनी मौत से ठीक एक रात पहले यह भी बता दिया था कि वह अगली रात जिंदा नहीं होंगे। नास्त्रेदमस अगली सुबह अपने बेडरूम में अपनी टेबल पर मृत पाए गए थे। बता दें कि नास्त्रेदमस की सन् 1566 में हुई थी। इस तरह उनकी अपनी ही मौत के बारे में की गई भविष्यवाणी सच साबित हुई थी।

उन्होने अपनी मौत को लेकर एक और भविष्यवाणी की थी जिसमें इस बात की पुष्टी की गई थी की उनकी मौत के 225 साल बाद कुछ समाज विरोधी तत्व उनकी कब्र खोदने और अवशेषों को निकालने का प्रयास करेंगे, लेकिन उनकी तुरंत मौत हो जाएगी। वास्तव में ऐसा ही हुआ। फ्रांसीसी क्रांति के बाद 1791 में तीन लोगों ने उनकी कब्र खोदनी चाही, लेकिन उनकी वहीं मौत हो गई। बता दें कि नास्त्रेदमस की सन् 1566 में नास्त्रेदमस की मृत्यु हुई थी।

नास्‍त्रेदमस में 2016 में अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी जो भविष्वाणी की थी उसे  नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बारे में नास्त्रेदमस ने जो कुछ भी सांकेतिक तौर पर कहा था, वह सटीक साबित हुआ है।

मशहूर फ्रेंच भविष्‍यवक्‍ता नास्‍त्रेदमस ने भारते के बारे में ये भविष्यवाणी की थी कि वर्ष 2014 से 2026 तक भारत का प्रतिनिधित्‍व एक ऐसा व्‍यक्ति करेगा जिसे शुरुआत में लोग बहुत ही नफरत करेंगे लेकिन बाद में जनता और बाकी सभी लोग उसे उतना प्‍यार देंगे कि वह अगले 20 साल तक भारत का प्रधानमंत्री रहेगा। बहरहाल नास्‍त्रेदमस द्वारा की गई ये भविष्यवाणी कितनी सच होती है ये तो आने वाला वक्त बतायेगा।

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.