कमलापति त्रिपाठी की आज है पुण्यतिथि, जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

Aazad Staff

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कमलापति त्रिपाठी राजनीतिज्ञ, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। वे वरिष्ठ राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे। वे संविधान सभा के सदस्य रहे। कमलापति त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और रेलवे के केंद्रीय मंत्री के रूप में भी सेवाएं प्रदान की।

कमलापति त्रिपाठी राजनीतिज्ञ, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। कमलापति त्रिपाठी का जन्म 3 सितम्बर, 1905 को हुआ था। कमलापति जी के पिता पंडित नारायणपति त्रिपाठी थे। कमलापति त्रिपाठी जी को लोकप्रिय रूप से पंडीत तिवारी भी कहा जाता था।

मात्र 19 वर्ष साल की उम्र में इनका विवाह हो गया था। इनके तीन पुत्र और दो बेटियां है। उन्होंने 1921 के दौरान असहयोग आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसके लिए वह जेल भी गये। 1942 में वे आंदोलन में भाग लेने के लिए मुंबई गए थे जब उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और तीन साल तक जेल भेज दिया गया।

उन्होंने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि एवं डी. लिट. किया था। इसके बाद पत्रकार के रुप में अपने करियर की शुरुआत की।  दैनिक हिंदी अखबार 'आज' और बाद में 'संसार' के लिए काम किया।

कमलपति त्रिपाठी 4 अप्रैल 1971 से 12 जून, 1973 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहे। ये राज्य सभा व लोकसभा के भी सदस्य रहे।   

कमलापति त्रिपाठी रेलवे के केंद्रीय मंत्री भी रहें अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने -     

•    साबरमती एक्सप्रेस

•    गंगा कावेरी एक्सप्रेस

 •    नीलंबारी एक्सप्रेस

•    वाराणसी एक्सप्रेस (दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेस)

 •    तमिलनाडु एक्सप्रेस

•    काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस

जैसी ट्रेनों की शुरुआत की थी।

कमलापति त्रिपाठी का 8 अक्टूबर, 1990 को वाराणसी में निधन हो गया था।

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