बिग बाजार में बेचा जा रहा वैक्स लगा सेब, खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने की कार्रवाई

Aazad Staff

Nation

मोम लगा कर बेचा जा रहा था सेब। खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने कार्रवाई के दिए जांच के आदेश।

शहरों मेें अक्सर लोग अपनी जरुरत की चीजों को पूरा करने के लिए आम तौर पर बिग बाजार जैसे बड़े-बड़े दुकानों से राशन व रोजमर्रा की चीजे खरीदते है। लेकिन अगर आपको ये पता चले की जो सामान आप खाने के लिए ले रहे है वो आपके सेहत पर बूरा असर डाल सकता है।

सोमवार को राजधानी दिल्ली में खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने बिग बाजार में बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें पाया गया है कि  सादे सेब पर वैक्स (मोम) लगाकर उसे ग्राहकों को बेचा जा राह था।  जिसकी कीमत २५० रुपए प्रति किलो रखी गई। बताया जा रहा है कि सेब पर जो वैक्स लगा था वो उसकी जानकारी नहीं दी गई थी। 

टीम ने जब सेब के ऊपर लगे चमकदार मोम को चाकू से हटाया तो उसकी चमक खत्म हो गई। टीम ने यहां से सेब के तीन सैंपल लिए हैं। जिसे जांच के लिए लेबोरेटरी में भेज दिया है। आपको बता दें कि बड़े बड़े स्टोर में सेब को चमकाने के लिए मोम का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टोर संचालक इसका जिक्र भी डिस्प्ले में नहीं कर रहे हैं। जबकि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इसका उल्लेख करना अनिवार्य है। बहरहाल सेब के सेंपल को चजांच के लिए भेज दिया गया है जिसे लेकर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे सेब से हो सकता है कैसर का खतरा -

वैक्स से कैंसर का खतरा हो सकता है। जाननकारों की माने तो सेब पर वैक्स लगाया जा सकता है, लेकिन इसके बारे में पता होना चाहिए कि वह खाने लायक है या नहीं। अगर सादा मोम लगाया गया है तो यह पेट की आंत को खराब कर सकता है।इससे हाजमा भी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। लगातार वैक्स लगे सेब खाने से कैंसर होने की संभावना भी रहती है।

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.