UGC Net Exam June 2019: नेट फॉर्म में गलतियों को सुधारने का मौका, १४ अप्रैल तक खुला रहेगा करेक्शन विंडो

Aazad Staff

Nation

अगर आपने भी यूजीसी नेट (UGC NET) का फार्म भरा है और उसमें कोई गलती है तो नेशनल टेस्‍ट‍िंग एजेंसी (एनटीए)) आपको अपनी गलती सुधारने का मौका दे रहा है। उम्मीदवार नेशनल टेस्‍ट‍िंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in पर जाकर फार्म में हुई भूल को सुधार सकते। बता दें कि यूजीसी नेट की परीक्षा २० जून से शुरू होगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा २० जून  से २८ जून के बीच नेट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिन अभ्यार्थियों ने यूजीसी नेट परीक्षा का फॉर्म भरा है उनके लिए महत्वपूर्ण खबर है। एनटीए ने अपने वेबसाइट पर नेट फॉर्म में करैक्शन के लिए लिंक (https://ntanet.nic.in/ntanetcms/public/home.aspx) ओपन कर दिया है। अगर आपको लगता है कि आपने फॉर्म भरने के दौरान कुछ गलतियां की है तो उसे सुधार करने का आपको मौका दिया जा रहा है। आप अपने फॉर्म में करैक्शन कर सकते है और ये मौका आपको १४ अप्रैल तक दिया गया है।

बता दें कि यूजीसी नेट एडमिट कार्ड (UGC NET Admit Card) १५ मई को डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे। वहीं परीक्षा का आयोजन २०-२१ और फिर २४ से लेकर २८ जून तक होंगे। परीक्षा के लिए आवेदकों को कुल १८० मिनट यानी ३ घंटे का समय दिया जाएगा।

परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह ९.३० बजे से दोपहर १२.३० बजे तक होगी वहीं दूसरी शिफ्ट का एग्जाम २.३० बजे से शाम ५.३० बजे तक होगी। परीक्षा के परिणाम की घोषणा १५ जुलाई २०१९ तक कर दी जाएगी। यूजीसी नेट जून २०१९ परीक्षा नए सिलेबस के आधार पर ही होगा। इसलिए आवेदकों को यूजीसी वेबसाइट पर अपने कोर्स से संबंधित नए सिलेबस को देख लेना चाहिए। इसके अलावा एग्जाम पैटर्न में भी बदलाव किया गया है।

पहले यूजीसी नेट एग्जाम में पहले पेपर के बाद अभ्यर्थियों को कुछ समय का ब्रेक मिलता था। लेकिन अब यूजीसी नेट जून २०१९ प (UGC NET 2019 June) में ऐसा कोई ब्रेक नहीं मिलेगा और एग्जाम ३ घंटे का सिंगल सेशन में ही खत्म होगा।

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.