हिममानव' के पहली बार मिले निशान, भारतीय सेना ने किया दावा

Aazad Staff

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भारतीय सेना ने ‘हिममानव’ के होने का दावा कर ट्वीटर पर उनके पैरों की तस्वीरें शेयर की है। ये तस्वीरें ९ अप्रैल को खिची गई थी। पैरों के निशान ३२x१५ इंच के हैं। हालांकि पहले भी कई बार ऐसी कहानियां सूनने को मिलती आई है कि लोगों ने ‘हिममानव’ को देखा है लेकिन इस बात को साबित करने के लिए उनके पास कोई सबूत नहीं थे।

भारतीय सेना ने पहली बार हिममानव की मौजूदगी को लेकर सबूत पेश किया है। दरअसल, सेना को हिमालय में हिममानव 'येति' के पैरों के निशान मिले हैं, जिसे उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया है। तस्वीरों में बर्फ पर पैरों के बड़े-बड़े निशान दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि ये निशान हिममानव 'येती' के पैरों के ही हैं। भारतीय सेना ने ट्वीटर पर कुल तीन तस्वीरें शेयर की हैं। सेना ने ट्वीट में कहा, 'पहली बार भारतीय सेना पर्वतारोहण अभियान दल ने ९ अप्रैल, २०१९ को मकालू बेस कैंप के करीब ३२x१५ इंच वाले 'येति' के रहस्यमयी पैरों के निशान देखे हैं। इस मायावी हिममानव को इससे पहले केवल मकालू-बरुन नेशनल पार्क में भी देखा गया।

जिन लोगों ने उसे देखा है, उनमें से एक बौद्ध भी हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने हिममानव देखा है। वहीं शोधकर्ताओं ने येती को मनुष्य नहीं बल्कि ध्रुवीय और भूरे भालू की क्रॉस ब्रीड यानी संकर नस्ल बताया है।

येति को ज्यादतार नेपाल और तिब्बत के हिमालय क्षेत्र में देखे जाने की घटना सामने आती रही है। इसके अलावा कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि येती एक विशालकाय जीव है। जो इंसानों की तरह दो पैरों पर चलता है। हालांकि इसे लेकर आज भी वैज्ञानिक एकमत नहीं है।

कौन हैं 'येती' हिममानव

येती दुनिया के सबसे रहस्यमयी प्रजातियों में से एक है ये दैत्याकार बंदर जैसे जीव की तरह हो सकते है। इनकी कहानियां एशिया के सुदूर पर्वतीय इलाकों में सैकड़ों साल पूरानी है। जिसकी शक्लोसूरत तो बंदरों जैसी होती है, लेकिन वह इंसानों की तरह दो पैरों पर चलता है। सालों से लोगों की ओर से येती को देखे जाने के दावे भी किए जाते रहे हैं।

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