मायावती का विवादित बयान - भगवान राम की मूर्ति बन सकती है तो मेरी क्यों नहीं?

Aazad Staff

Nation

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी और हाथियों की मूर्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब पर अपना बचाव करते हुए कोर्ट में जवाब दायर करते हुए कहा है कि अगर अयोध्या में भगवान राम की २२१ मीटर की प्रतिमा बननी प्रस्तावित हो सकती है तो मेरी क्यों नहीं?

पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी और हाथी की मूर्तियां बनाने के फैसले का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर किया है। मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में लिखा 'ये कोई नई बात नहीं है, कांग्रेस के वक्त में भी केंद्र और राज्य सरकारों ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, नरसिम्हा राव जैसे नेताओं की जनता के पैसों से मूर्तियां स्थापित की। पर तब तो किसी ने भी इसपर आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी ना किसी ने प्रश्न पूछा। इसके साथ ही मायावती ने गुजरात में १८२ मीटर उंचे और ३००० करोड़ की लागत से बनी सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति पर भी सवाल खड़े किए।

अपने जवाब में मायावती ने आगे लिखा कि मैंने लोगों की सेवा के लिए शादी तक नहीं की। सारा जीवन दलितों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि मैंने पिछड़े और दबे कुचले लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपना सारा जीवन अर्पित कर दिया और अपने इसी समर्पण की ही वजह से मैंने तय किया कि मैं विवाह नहीं करूंगी। जनता की उम्मीदें पूरी करने के लिए ही मैंने ये स्मारक बनवाए हैं।

गौरतलब है कि मायावती पर आरोप है कि उन्होंने खुद ही अपने प्रचार के लिए बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश में अपनी और हाथियों की मूर्तियां तैयार करवाईं। इसके लिए सरकारी खजाने से ४१४८ करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी मूर्तियों की कुल लागत और इसके लिए जारी बजट की रिपोर्ट का ब्योरा भी मांगा था। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में कहा था कि उसके संभावित विचार में लखनऊ और नोएडा में अपनी तथा बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां बनवाने पर खर्च किए गए करोड़ रुपए मायावती को सरकार को लौटाना होगा।

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.