नासिक में बोले पीएम मोदी- कुछ लोगों को मेरी बात से करंट लगता है

Aazad Staff

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लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार रैलियां कर रहे है। सोमवार को पीएम मोदी महाराष्ट्र के नासिक जिले के डिनडोरी में पहुंचे जहां उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और आतंकवाद को लेकर बड़ा हमला बोला।

महाराष्‍ट्र के नासिक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंशवाद को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। पीएम ने कहा कि जब भी मैं वंशवाद और भ्रष्‍टाचार की बात करता हूं तो कुछ लोगों को करंट लगता है और फिर उनके मुंह से गालियां निकलने लगती हैं। उन्‍होंने कहा कि दो दौर के चुनाव के बाद कांग्रेस समेत विपक्ष को अपनी जमीन खिसकती दिख रही है।'

आतंकवाद पर तीखी प्रतिक्रया देते हुए पीएम ने कहा कि वर्ष २०१४ के पहले जब देश में आतंकी बम धमाके करते थे तो कांग्रेस केवल शोक व्यक्त करती थी लेकिन आज आतंकवादियों को भी पता है कि मोदी सरकार में अगर धमाका किया, तो मोदी उन्हें पाताल में भी खोजकर सजा देगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज दुनियाभर में भारत नई ऊंचाई पर है। अब कोई भी भारत को आंख उठाकर देखने से पहले १०० बार सोचता है। वहीं 'श्री लंका में आतंकी हमले को लेकर पीएम ने कहा कि ईस्‍टर के मौके पर सैकड़ों लोग मारे गए। उनका कोई दोष नहीं था। ये लोग ईश्‍वर को याद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और एनसीपी की सरकार सिर्फ शोक सभाएं करती थी और दुनिया में पाकिस्तान के नाम पर रोती रहती थी।'  लेकिन भाजपा कि सरकार को पिछले पांच साल में सत्ता में आने के बाद आतंक धीरे-धीरे सिकुड़ता जा रहा है।

उन्‍होंने कहा, 'दिल्ली में एक जमात है वह दिन में एक सरकार बनाते हैं, फिर उसे गिराते हैं। मेरा चुनाव जैसे लड़ना शुरू हुआ तो दिल्‍ली के कुछ लोगों ने तय किया कि वे मोदी की विदेश नीति के बारे में सवाल पूछेंगे। और सवाल पूछे भी जा रहे है। वे मुझे कहते थे कि देश की विदेश नीति तुम जानते नहीं तो विदेशों में कैसे बात करोगे। त‍ब मैंने बस वादा किया था कि हम न आंख उठाकर बात करेंगे, न आंख झुकाकर बात करेंगे, हम आंख में आंख डालकर बात करेंगे। आज हर हिंदुस्‍तानी सीना तानकर कह सकता है वह भारतीय है। अब कोई भी भारत को आंख उठाकर देखने से पहले १०० बार सोचता है।'

पीएम ने कहा कि आदिवासी हस्तशिल्प का प्रचार-प्रसार करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को मजबूत किया गया है। आदिवासी साथियों की कमाई के लिए वन उपजों को समर्थन मूल्य के दायरे में लाया गया है। वन उपजों का अधिक मूल्य मिले, इसके लिए वनधन केंद्र खोले जा रहे हैं।

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