मोती लाल वोरा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ आरोप पत्र दायर

Aazad Staff

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पूर्व केन्द्रीय वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम के बाद ईडी ने कांग्रेस के दो और दिग्गज नेताओं पर शिकंजा कसा है। ईडी ने मोती लाल वोरा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।

प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने कांग्रेस प्रवर्तित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकूला में भूमि आवंटन में कथित अनियमितता के मामले में सोमवार को आरोपपत्र दायर किया है। इस चार्जशीट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम शामिल है।

जानकारी के मुताबिक  केंद्रीय जांच एजेंसी ने वोरा और हुड्डा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने पॉवर का गलत तरीके से इस्तेमाल कर पंचकूला में भूमि आवंटन और धन की प्राप्ति की है। 

क्या है मामला -

यह मामला साल १९९२ में तत्कालीन सरकार द्वारा पंचकूला में सी १७ स्थित एक प्लॉट का आवंटन एजेएल को करने में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) का गांधी परिवार समेत कांग्रेस नेताओं के हाथ में है। बता दें कि एजेएल समूह नेशनल हेराल्ड नाम के समाचार पत्र का प्रकाशन भी करता है। इस मामले में ईडी प्लॉट को पहले ही कुर्क कर चुका है। इसका मूल्य करीब ६४.९३ करोड़ रुपये आंका गया है। ईडी द्वारा इस मामले में दाखिल की गई यह पहली चार्जशीट है।

इस मामलेमें पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को २००५ में १९८२ की दरों पर आवंटित करवाया था। हुड्डा और एजेएल के पदाधिकारियों पर २००५  में अवैध तरीके से भूमि को फिर से आवंटित करने का आरोप है। पंचकूला के सेक्टर छह में २९ जून २००५ को एजेएल को फिर से आवंटित कर दिया गया था। यह भूमि करीब ३३६० वर्गमीटर थी।

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