CBSE: शहीद जवनों के बच्चे बाद में भी दे सकेंगे परीक्षा

Aazad Staff

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पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद कुछ सामाजिक संगठनों की ओर से शहीदों के बच्चों को परीक्षा में राहत देने की मांग की थी। जिसे सीबीएसई ने स्वीकार कर लिया है। अगर किसी बच्चे की प्रयोगात्मक यानी प्रैक्टिकल परीक्षा छूट गई है तो वे अप्रैल में परीक्षा दे सकेंगे। इसके साथ ही वे अगर बाद में परीक्षा देना चाहते है तो उसके लिए छात्र को स्कूल से आवेदन करना होगा।

पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के बच्चों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने बड़ी राहत दी है। कक्षा १०वीं  और १२वीं की परीक्षा दे रहे शहीदों के बेटे-बेटियां यदि चाहें तो अपने सेंटर में शहर के अन्दर या बाहर परिवर्तन करा सकते हैं। इसके साथ ही वे थ्योरी  या प्रैक्टिकल परीक्षा बाद में भी दे सकते है।

इसके तहत मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश पर सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश जारी किया है। परीक्षा नियंत्रक के निर्देश में स्पष्ट किया गया कि आतंकी हमलों में सशस्त्र बल, मिलेट्री, पैरा मिलेट्री के शहीद जवानों के बच्चे, जो सीबीएसई कक्षा १०वीं व १२वीं की परीक्षा दे रहे हैं, उन्हें राहत दी जाए। इसमें एक ही शहर के अन्दर सेंटर में बदलाव या एक शहर से दूसरे शहर में सेंटर परिवर्तन का आवेदन किया जा सकता है। 

परीक्षा नियंत्रक डॉ. श्याम भरद्वाज के मुताबिक पुलवामा हमले में शहीद जवानों के बच्चे जो बाद में १०वी और वीं की परीक्षा देना चाहते है उन्हें २८ फरवरी तक अपने स्कूलों में आवेदन करना होगा। इसी के आधार पर बोर्ड उन बच्चों को राहत देगा। जानकारी के मुताबिक परीक्षा का आयोजन अप्रैल में किया  जाएगा।

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