Bharat Bandh: दलित - आदिवासी संगठनों का आज भारत बंद

Aazad Staff

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लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से दलित- आदिवासी संगठ केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है। जगह जगह ट्रेनों को रोका जा रहा है तो वहीं सड़क पर जमा होकर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहें है। बंद को लेकर देश के कई हिस्सों में सरकारें अलर्ट पर हैं। इस बंद का समर्थन कांग्रेस, राजद, आम आदमी पार्टी, सपा जैसी बड़ी पार्टियां कर रही है।

दलित - आदिवासी संगठन ने केंद्र सरकार के खिलाफ आज भारत बंद का आह्वान किया है। इस बंद का समर्थन कई बड़ी पार्टियां भी कर रही है। वहीं सोशल मीडिया पर भी बंद की अपील की जा रही है। भारत बंद का असर भी अब देखने को मिलने लगा है। प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया।

बता दें कि आदिवासियों की मांग है कि केंद्र उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए जल्द ही अध्यादेश लेकर आए। इसके साथ ही लोगों की मांग है कि १३ प्वाइंट रोस्टर की जगह २०० प्वाइंट रोस्टर लागू किया जाए, जैसे कई मुद्दे शामिल है।  इसी के विरोध में आज कई संगठनों ने ‘भारत बंद’ बुलाया है। दलित संगठनों के अलावा आदिवासियों ने जंगल से उन्हें बेदखल करने खिलाफ भी बंद बुलाने का आह्वान किया है। इस बंद में आदिवासी अधिकार आंदोलन, ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा, संविधान बचाओ संघर्ष समिति जैसे बड़े संगठन शामिल हैं।

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने २१ राज्यों को ११.८  लाख वनवासियों और आदिवासियों को १३ फरवरी तक खाली करने का आदेश दिया था। फिलहाल, इस मामले पर १० जुलाई २०१९ को सुनवाई होनी है।

इन मुद्दों को लेकर किया गया है भारत बंद

१. उच्च शिक्षण संस्थानों की नियुक्तियों में १३ प्वाइंट रोस्टर की जगह २०० प्वाइंट रोस्टर लागू करने की मांग

२. शैक्षणिक व सामाजिक रूप से भेदभाव, वंचना व बहिष्करण का सामना नहीं करने वाले सवर्णों को १० प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रद्द करने

३. आरक्षण की अवधारणा बदलकर संविधान पर हमले बंद करें

४. देश भर में २४ लाख खाली पदों को भरा जाए

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