भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए शुरु की ‘Talk Back’ बटन की सुविधा

Aazad Staff

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भारतीय रेलवें ने यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे की ओर से ७२ फस्ट क्लास महिला डिब्बों में टॉक बैक (Talk Back) बटन की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस सुविधा का दुरुपयोग न हो इसके लिए रेलवे ने यह व्यवस्था की है कि गार्ड व मोटरमैन से जो भी संवाद होगा वो रिकॉर्ड किया जाएगा। वहीं किसी दुर्घटना की स्थिति में इस बातचीत को सबूत के तौर पर भी प्रयोग किया जा सकेगा।

भारतीय रेलवे लगातार अपने यात्रियों की सुविधाओं को लेकर कदम उठाता रहा है। इसी कड़ी में महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे की ओर से लोकल ट्रनों ७२ फस्ट क्लास महिला डिब्बों में ‘टॉक बटन’ की सुविधा उपलब्ध कराई है।

जानकारों की माने तो रेलवे फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चला रहा है। अगर ये पूरी तरह से सफल रहा तो अन्य ट्रेनों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। आपको बता दें कि रेलवे ने २०१६ में पहली बार महिला डिब्बों में 'टॉक बैक' बटन की सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उपलब्ध कराई थी। इसके बाद सितम्बर २०१८ के बाद कई ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई। जानकारी के  मुताबिक ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे को अब तक लगभग ८ करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं।

क्या है ‘टॉक बैक’ बटन -

पश्चिम रेलवे ने लोकल ट्रनों के फस्ट क्लास महिला डिब्बों में ‘टॉक बैक’ बटन की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके तहत महिला यात्री किसी मुश्किल स्थिति में ट्रेन के गार्ड और मोटरमैन से ‘टॉक बैक’ बटन के जरिए तुरंत संपर्क किया जा सकता है। अब तक पश्चिम रेलवे की ओर से ७० फीसदी महिला डिब्बों में यह सुविधा दी जा चुकी है।

सीसीटीवी कैमरों से भी रखी जा रही नजर

इस सुविधा का गलत इस्तेमाल ना हो इसके लिए रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की है। गार्ड और मोटरमैन से जो भी बात होगी वो रिकॉर्ड की जाएगा। ताकि यदि कोई यात्री इस सुविधा का दुरुपयोग करता है तो उसे पकड़ा जा सके। इसके साथ इस सुविधा का गलत इस्तेमाल ना हो इसके लिए रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की है। गार्ड और मोटरमैन से जो भी बात होगी वो रिकॉर्ड की जाएगा।

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