कोरोना वायरस का प्रकोपः बीएसडीयू जयपुर ने मौजूदा और नए छात्रों के लिए 100 फीसदी शुल्क माफी की घोषणा की

Aazad Staff

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बीएसडीयू ने एक अधिसूचना में कहा कि विश्वविद्यालय ने नया प्रवेश लेने वाले बी.वोक के ऐसे छात्रों के लिए 100 फीसदी ट्यूशन फीस माफी नीति को भी आगे बढ़ाया है, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय रुपए चार लाख से अधिक नहीं है।

भारतीय स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) जयपुर की स्पान्सर बाडी राजेंद्र और उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरयूजेसीटी) ने सत्र 2020-21 के लिए बी. वोक और एम. वोक कार्यक्रमों में नामांकित विश्वविद्यालय के सभी मौजूदा छात्रों के लिए ट्यूशन फीस माफी की घोषणा की है। बीएसडीयू ने एक अधिसूचना में कहा कि विश्वविद्यालय ने नया प्रवेश लेने वाले बी.वोक के ऐसे छात्रों के लिए 100 फीसदी ट्यूशन फीस माफी नीति को भी आगे बढ़ाया है, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय रुपए चार लाख से अधिक नहीं है। छात्रों द्वारा जिन वित्तीय कठिनाइयों का सामना किया जा रहा है, उन्हें देखते हुए बीएसडीयू ने यह निर्णय किया है। इस तरह उन समस्त छात्रों को बेहद आसानी रहेगी, जो न केवल व्यावहारिक प्रशिक्षण से दूर हैं बल्कि उनमें से कुछ की पढ़ाई बंद होने के कगार पर पहुंच गई है, क्योंकि उनके माता-पिता वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं।

कोविड-19 महामारी ने दुनियाभर में लोगों की जिंदगी पर विभिन्न रूपों में गंभीर प्रभाव डाला है। संकट के इस समय में नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 एक उम्मीद की किरण है, जो व्यावसायिक शिक्षा और शिक्षुता की भूमिका को प्रमुखता में लाएगी और इस तरह उपयुक्त कौशल विकास की प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों की उच्च रोजगार सुनिश्चित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की इस परिवर्तनकारी पहल का समर्थन करते हुए और स्वर्गीय डॉ. आरके जोशी और श्रीमती उर्सुला जोशी के सपनों को पूरा करने के लिए, आरयूजेसीटी और बीएसडीयू ने वंचितों तक पहुंचने का बीड़ा उठाया है।

बीएसडीयू के प्रेसिडेंट डॉ. अचिन्त्य चौधरी का संदेश

संकट के इस दौर में राजेंद्र और उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के इस निर्णय का डॉ. अचिन्त्य चैधरी ने स्वागत करते हुए कहा है कि हालांकि भारत के पास दुनिया के कुछ बहुत अच्छे शैक्षणिक संस्थान हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों से कुछ खास बदलाव नहीं आया है। उन्होंने आगे कहा कि ट्यूशन फीस में माफी, निश्चित रूप से इच्छुक छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी, साथ ही उनके माता-पिता को भी सहारा मिलेगा जो कोविड-19 के चलते आर्थिक समस्याआं से जूझ रहे हैं।

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