आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किया जाएगा एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (एटीएएल) एकेडमी द्वारा प्रायोजित निशुल्क फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

Aazad Staff

Nation

26 से 30 जुलाई 2021 तक आयोजित किया जाएगा यह पांच दिवसीय निशुल्क प्रोग्राम 200 फैकल्टी मेम्बर्स व रिसर्च स्कॉलर को दी जाएगी ट्रेनिंग, देशभर से प्राप्त हुए 130 फैकल्टी मेम्बर्स के आवेदन

कोविड-19 की वजह से ऑनलाइन यूजर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे डिजिटल मार्केटिंग का महत्व बढ़ा है। बाजार की बढ़ती मांग और डिजिटल मार्केटिंग के प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी की ओर से जल्द ही पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। 'डिजिटल मार्केटिंग' विषय पर एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (एटीएएल) एकेडमी द्वारा प्रायोजित यह प्रोग्राम 26 से 30 जुलाई 2021 तक आयोजित किया जाएगा। यह प्रोग्राम सेंटर फॉर इनक्यूबेशन, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) द्वारा आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी में वर्चुअली आयोजित होने जा रहा है। इसमें एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों के फैकल्टी मेम्बर, रिसर्च स्कॉलर, पीजी स्कॉलर, सीबीएसई शिक्षकों के साथ-साथ सरकार व उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो इसमें निशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. पीआर सोढानी ने कहा कि 'डिजिटल मार्केटिंग पर होने वाला यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम निशुल्क है और एटीएएल एकेडमी द्वारा प्रायोजित है। हम एआईसीटीई से यह अवसर प्राप्त करके काफी खुश हैं। हमारा विचार सरकार के प्रयास का समर्थन करना और निरंतर नया ज्ञान प्रदान करना है। डिजिटल मार्केटिंग कार्यक्रम में व्यवसाय के लिए प्रासंगिक उभरती हुई डिजिटल तकनीकें शामिल की जाएंगी। कोविड-19 ने कई अवसर और नवाचार उत्पन्न किए हैं, जिनसे स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र नए स्वरूप् में सामने आए हैं। इस प्रोग्राम में डिजिटल मार्केटिंग में गतिशीलता व नवीनतम रुझानों, व्यापक डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियों और इसके अनुप्रयोगों व व्यावहारिक अनुभवों को कवर किया जाएगा। साथ ही एसईएम, एसईओ जैसे नए दौर के डिजीटल टूल्स का उपयोग करना सिखाया जाएगा और लोकप्रिय सोशल मीडिया हैंडल्स के लिए डिजीटल एनालिटिक्स व बिजनेस स्ट्रेटेजीज की जानकारी भी दी जाएगी '।

सेंटर फॉर इनोवेशन इनक्यूबेशन एंटरप्रेन्योरशिप की मार्केटिंग चेयर, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीनू जैन ने जानकारी दी कि 'डिजिटल मार्केटिंग की ओर संगठनों के बढ़ते फोकस के इस दौर में हमारा प्रयास है कि डिजिटल मार्केटिंग टूल्स के प्रति फैकल्टी व प्रोफेशनल्स के कौशल को बढ़ाया जाए। इस प्रोग्राम के प्रति हमें फैकल्टी मेम्बर्स की बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है। कार्यक्रम में 200 सीटें हैं, जिनके लिए हमें अब तक 130 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (एटीएएल) एकेडमी के इस समर्थन से हम उच्च शिक्षा संस्थानों के फैकल्टी मेम्बर्स को कुशल बनाने और उनके कौशल विकास में योगदान दे रहे हैं '।

इस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए डिजिटल मार्केटिंग कौशल में किसी पूर्व अनुभव की आवश्यकता नहीं है। इसमें मैनेजमेंट/ इंजीनियरिंग/ सोश्यल साइंस या किसी भी अन्य क्षेत्र का कोई भी फैकल्टी मेम्बर शामिल हो सकता है, जो डिजिटल मार्केटिंग पाठ्यक्रम पढ़ाना चाहता है या इस क्षेत्र का प्रोफेशनल बनने की इच्छा रखता है। यह एक अनुभवात्मक ऑनलाइन पाठ्यक्रम है, जिसमें कई इंटरेक्शन, हैंड्स ऑन एक्सरसाइज और प्रोजेक्ट शामिल हैं।

प्रत्येक कोर्स को केस स्टडी तथा कॉरपोरेट के प्रत्यक्ष उदाहरणों व सामान्य चर्चाओं की मदद से पढ़ाया जाएगा। एफडीपी में शामिल होने के लिए 10 जुलाई, 2021 को या उससे पहले एटीएएल एकेडमी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। 20 जुलाई, 2021 तक चयन की सूचना दी जाएगी।

 

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.