आईआईएम उदयपुर में दो वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम की शुरुआत, कॅरियर में शानदार बदलाव का भरोसा

Aazad Staff

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उद्घाटन के बाद आगामी 2020-2022 बैच के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय ओरिएंटेशन सेशन आयोजित किए गए

उदयपुर, 24 अगस्त, 2020ः इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट, उदयपुर ने एक गरिमापूर्ण समारोह में अपने दो साल के एमबीए प्रोग्राम का उद्घाटन किया।उद्घाटन के बाद आगामी 2020-2022 बैच के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय ओरिएंटेशन सेशन आयोजित किए गए, जिनमें 375 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।

डिजिटल तौर पर आयोजित समारोह में गोल्डमैन सैक्श इंडिया के चेयरमैन और सीईओ श्री संजय चटर्जी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. जनत शाह और संस्थान की एकेडेमिक डीन प्रो. रेजिना सुल्ताना, फैकल्टी सदस्य और नए बैच के छात्रों ने भी इस समारोह में भागीदारी निभाई।

2022 के बैच को संबोधित करते हुए गोल्डमैन सैक्श इंडिया के चेयरमैन और सीईओ श्री संजय चटर्जी ने अपनी काॅर्पोरेट यात्रा को दर्शाते हुए कहा, ‘‘अपने जीवन के अगले दो वर्षों का स्वागत करने के लिए आप सब तैयार रहिए, क्योंकि ये दो साल आपके जीवन में जबरदस्त बदलाव लाने वाले साबित होने वाले हैं, जब आप एक नागरिक से एक कॉर्पोरेट नागरिक, फिर हमारे देश के जिम्मेदार नागरिक और इसके बाद दुनिया के दायित्वपूर्ण नागरिक बन जाएंगे।यही वो वक्त है जब आपको अपने आचरण पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि आप जिन विचारों के लिए खड़े होते हैं, वे सिद्धांत जिन पर आप कायम रहते हैं और जो साहस आप लाते हैं, उन्हीं सबसे अंततः यह तय होगा कि आप कौन हैं और लोग आपको कैसे देखते हैं - और आपके माध्यम से एक हद तक इस संस्थान को भी परखा जाएगा।‘‘

देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन से मिली सीख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘प्रगति का पहिया हमेशा आगे बढ़ेगा, यह कभी रुकता नहीं है। आपका आचरण वास्तव में परिभाषित करेगा कि आपने क्या हासिल किया है।अनुशासन और टीमवर्क आपके अगले दो साल के लिए और उससे आगे के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। कैम्पस के बाहर भी अनुशासन और टीमवर्क के सिद्धांत आपके लिए सर्वोपरि होने चाहिए।‘‘

आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. जनत शाह ने इस अवसर पर कहा, ‘‘2022 का बैच आईआईएम उदयपुर के लिए अग्रणी बैच साबित होगा। यहां तक पहुंचने के लिए आप सबने कड़ी मेहनत की है, और वर्तमान कठिन समय में खुद पर और भविष्य पर एक दांव लगाया है। हम आपको एक प्लेटफाॅर्म प्रदान करेंगे और आपके लिए एक सार्थक ईको सिस्टम प्रस्तुत करेंगे, लेकिन आप अपनी कहानी खुद लिखेंगे। आपको पता चलेगा कि आप क्या काम अच्छे से कर सकते हैं, और आप कैसे समाज के प्रति अपना योगदान करते हुए आर्थिक रूप से स्थिर बने रह सकते हैं।‘‘ आने वाले बैच को बधाई देते हुए आईआईएम उदयपुर की एकेडेमिक डीन प्रो. रेजिना सुल्ताना ने कहा, ‘‘हम क्रांतिकारी बदलाव वाली इस यात्रा में आपका स्वागत करते हैं। आपकी कोशिशों से ही आप कामयाबी हासिल कर सकते हैं। प्रयास सफलता के द्वार की कुंजी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि  अगले दो साल में आप जो कोशिशें करेंगे, उनसे आपके जीवन की दशा और दिशा तय होगी।‘‘

उद्घाटन समारोह के बाद, आईआईएम उदयपुर ने जनरल ओरिएंटेशन सेशन आयोजित किए। इनमें विजन कोर टीम (फैकल्टी - प्रो. प्रकाश सत्यवागीश्वरन, प्रो. आशीष गलांडे और प्रो. विजेयता दोशी) ने  संस्थान के विजन 2030 के बारे में सेशन प्रस्तुत किया। इसके अलावा, कॅरियर सपोर्ट, प्लेसमेंट के आॅफर्स और लैंगिक संवेदनशीलता से संबंधित सत्रों का आयोजन भी किया गया।

आईआईएम उदयपुर के बारे मंे आईआईएम के पास गुणवत्ता और उपलब्धि का गौरवपूर्ण रिकॉर्ड है। आईआईएम उदयपुर भी इस शानदार विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैनात है और कल के प्रबंधक और अग्रणी रहने वाले छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को बदलने के लिए विश्व स्तर के अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। संस्थान ने अपनी स्थापना के केवल आठ वर्षों में एएसीएसबी (एसोसिएशन टू एडवांस कॉलेजिएट स्कूल्स आॅफ बिजनैस) से मान्यता प्राप्त करके वैश्विक शिक्षा के स्तर पर आ गया है। इस मान्यता के साथ, आईआईएम उदयपुर को अब हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, यूनिवर्सिटी आॅफ पेंसिलवेनिया के व्हार्टन स्कूल और एमआईटी स्लोन स्कूल जैसे वैश्विक संस्थानों की एक ही लीग में गिना जाता है। आईआईएमयू को हाल ही में क्यूएस 2020 मास्टर्स इन मैनेजमेंट (एमआईएम) रैंकिंग और साथ ही फाइनेंशियल टाइम्स (एफटी) एमआईएम रैंकिंग 2019 में सूचीबद्ध किया गया है। आईआईएमयू इन दोनों रैंकिंग में दुनिया का सबसे नया बी-स्कूल है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2020 के अनुसार, आईआईएम उदयपुर सभी बी-स्कूलों में 17 वें स्थान पर है। प्रमुख  वैश्विक पत्रिकाओं में प्रकाशित सामग्री पर नजर रखने वाले यूटी डलास द्वारा उपयोग की जाने वाली प्रणाली के अनुसार प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए आईआईएमयू भारत में चैथे स्थान पर है।

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