आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट ने अखिल भारतीय ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता ‘मंथन-2021’ के विजेताओं की घोषणा की

Aazad Staff

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प्रमुख स्नातकोत्तर शोध विश्वविद्यालय आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर ने ‘मंथन-2021’ अखिल भारतीय ऑनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की है।

प्रमुख स्नातकोत्तर शोध विश्वविद्यालय आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर ने ‘मंथन-2021’ अखिल भारतीय ऑनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की है। निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भारत की आजादी के 75 साल - आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए किया गया था। प्रतियोगिता का उद्देश्य फार्मास्युटिकल क्षेत्र की गहन समझ विकसित करने में उभरते फार्मेसी पेशेवरों की ऊर्जा, कल्पना और रचनात्मकता को निखारना था जो फार्मास्युटिकल प्रबंधन के क्षेत्र में करियर के नए रास्ते तलाश रहे हैं।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान के साथ दवा उद्योग ने एपीआई के घरेलू उत्पादन के महत्व को महसूस किया और बाद में पूरे फार्मास्युटिकल उद्योग में बदलाव आया जिससे नए नवाचार और तकनीकी कार्यान्वयन आए। फार्मास्युटिकल उद्योग में इन विकासों की दशा-दिशा को सामने लाना और युवा पेशेवरों के रचनात्मक दृष्टिकोण को उभारना ‘मंथन-2021’ का उद्देश्य था।

भारतभर से विभिन्न फार्मेसी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फार्मेसी और जीवन विज्ञान स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया और उल्लिखित विषय पर ऑनलाइन निबंध प्रस्तुत किए।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी. आर. सोडानी ने सभी विजेताओं और उपविजेताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘यह लेखन प्रतियोगिता प्रतिभागियों को उनके वांछित विषय का गहन ज्ञान देने के साथ-साथ उनकी रुचि के क्षेत्रों को अपनाने में मदद करने के लिए करवाई गई थी। जैसा कि भारत 2021 में अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है - आजादी का अमृत महोत्सव - और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए, आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट ने बी. फार्मा और एम. फार्मा स्नातकों और स्नातकोत्तरों के लिए ‘मंथन-2021’, 7वीं अखिल भारतीय ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता’ का आयोजन किया। यह वार्षिक निबंध प्रतियोगिता फार्मास्युटिकल क्षेत्र के विभिन्न उभरते विचारों और क्षेत्र की बेहतर समझ हासिल करने के प्रयास के साथ आयोजित की गई थी।’ सोडानी ने आगे कहा, ‘अवाॅर्ड, रिवाॅर्ड, प्राइज और स्काॅलरशिप न केवल छात्रों को आगे की पढ़ाई में वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने के लिए उनका मनोबल भी बढ़ाते हैं।’ विजेताओं और प्रतियोगिता में 50 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।

डॉ. सौरभ कुमार बनर्जी, डीन और एसोसिएट प्रोफेसर व ‘मंथन 2021’ के कार्यक्रम समन्वयक ने कहा, ‘फार्मास्युटिकल उद्योग में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए फार्मेसी के छात्रों को वैक्सीन प्रबंधन, उपलब्धता, अपने क्षेत्रों में अच्छा प्रबंधन, जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं की गुणवत्ता, एपीआई के उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने वाले कारक और सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सुविधाओं में दवाओं के तर्कसंगत उपयोग जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निबंधों का शीर्षक तैयार किया गया था और छात्रों ने बहुत ही अभिव्यंजक तरीके से अपने विचार व्यक्त किए। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्रों का आभार व्यक्त करता है और निकट भविष्य में भी उनकी भागीदारी की आशा करता है।’

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट की ओर से हाल में आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेता और उपविजेता राष्ट्रभर से सामने आए जिन्होंने निर्धारित औषधीय विषयों पर प्रेरक निबंध और व्याख्याएं लिखीं। शीर्ष पांच (05) रैंक धारकों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। सुश्री नेहा खानजोडे, इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, इंदौर, मध्य प्रदेश, सुश्री तान्या गुप्ता, गुप्ता कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजिकल साइंसेज, आसनसोल, पश्चिम बंगाल 15,000/रुपए के प्रथम पुरस्कार की संयुक्त विजेता रहीं। श्री वैभव कुमार सिंह, ओरिएंटल कॉलेज ऑफ फार्मेसी भोपाल, मध्य प्रदेश और सुश्री ग्लोरी सामल, यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, आर.टी.एम. नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर, महाराष्ट्र 10,000/- रुपए के संयुक्त द्वितीय पुरस्कार के विजेता थे। श्री तापस पाल, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली ने 5,000/- रुपए राशि वाला तीसरा पुरस्कार जीता।

 

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