अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय

Jaideep Pant

Leaders

अटल बिहारी वाजपेयी की विस्तृत जीवनी। जानें उनके संयुक्त राष्ट्र में हिंदी भाषण, पोखरण-II परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, सर्व शिक्षा अभियान और भारत रत्न सम्मान के बारे में।

प्रारंभिक जीवन और स्वतंत्रता संग्राम

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी एक स्कूल शिक्षक और कवि थे। वाजपेयी जी का राष्ट्रीय सक्रियता में प्रवेश उनके छात्र जीवन के दौरान हुआ, जिसके कारण उन्हें 1942 के ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वह एक कुशल कवि, प्रखर पत्रकार और 1951 में भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे।

संयुक्त राष्ट्र में ऐतिहासिक भाषण (1977)

मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री के रूप में, वाजपेयी जी ने 1977 में इतिहास रचा था। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिंदी में भाषण देने वाले पहले व्यक्ति बने, जिससे हिंदी भाषा को वैश्विक राजनयिक मंच पर सम्मान मिला और उन्हें देश भर में व्यापक सराहना मिली।

प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल और पोखरण-II

वाजपेयी जी ने तीन बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया (1996 में 13 दिनों के लिए, 1998 से 1999 तक 13 महीनों के लिए, और 1999 से 2004 तक एक पूर्ण कार्यकाल)। उनके नेतृत्व में, भारत ने मई 1998 में सफलतापूर्वक पोखरण-II परमाणु परीक्षण किया, जिससे कड़े अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद भारत एक परमाणु हथियार संपन्न देश बना। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया।

विकास और शैक्षिक सुधार

उनके प्रशासन ने देश के प्रमुख महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाले एक विशाल राजमार्ग नेटवर्क, महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने 2001 में क्रांतिकारी सर्व शिक्षा अभियान की भी शुरुआत की, जिससे 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त प्राथमिक शिक्षा को एक मौलिक अधिकार बनाया गया।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान और विरासत

लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया। साल 2015 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। स्वच्छ और जवाबदेह प्रशासन की उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए, उनकी जयंती (25 दिसंबर) को हर साल देश भर में सुशासन दिवस (Good Governance Day) के रूप में मनाया जाता है।

अटल बिहारी जी की कविताओं के कुछ छंद आपके समक्ष साक्ष किए है-

कदम मिला कर चलना होगा

बाधाएँ आती हैं आएँ

घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,

पावों के नीचे अंगारे,

सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,

निज हाथों में हँसते-हँसते,

आग लगाकर जलना होगा।

क़दम मिलाकर चलना होगा।…….

आओ फिर से दिया जलाएँ

आओ फिर से दिया जलाएँ

भरी दुपहरी में अंधियारा

सूरज परछाई से हारा

अंतरतम का नेह निचोड़ें-

बुझी हुई बाती सुलगाएँ।

आओ फिर से दिया जलाएँ……

भारत जमीन का टुकड़ा नहीं

भारत जमीन का टुकड़ा नहीं,

जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।

हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है,

पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं।

पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं।

Latest Stories

Related Stories

अरुण जेटली जीवन परिचय

अरुण जेटली की विस्तृत जीवनी। जानें उनके शुरुआती जीवन, कानूनी करियर, वित्त मंत्री के रूप में जीएसटी लागू करने में उनकी भूमिका, डीडीसीए अध्यक्षता और मरणोपरांत मिले पद्म विभूषण सम्मान के बारे में।

योगी आदित्यनाथ का संक्षिप्त जीवन परिचय

योगी आदित्यनाथ का संक्षिप्त परिचय। जानें उनके शुरुआती जीवन, गोरखनाथ मठ के महंत बनने, सबसे युवा सांसद बनने और यूपी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के रिकॉर्ड के बारे में।

गुलजारी लाल नंदा जीवन परिचय

गुल्ज़ारीलाल नंदा की विस्तृत जीवनी। जानें भारत के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका, श्रमिक संघ आंदोलनों और 1997 में मिले भारत रत्न सम्मान के बारे में।

वेंकैया नायडू का जीवन परिचय

हाल ही में कुछ दिन पहले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए थे। जिसमें रामनाथ कोविंद इस पद के लिए जीते हैं। वही उपराष्ट्रपति पद के लिए वैंकेया नायडू को उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया गया है। आज हम आपको बताएंगे कि वैंकेया नायडू की जीवन शैली क्या है, वैंकेया नायडू कौन है, उनका जीवन परिचय क्या है?

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.