अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय

Jaideep Pant

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अटल बिहारी वाजपेयी की विस्तृत जीवनी। जानें उनके संयुक्त राष्ट्र में हिंदी भाषण, पोखरण-II परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, सर्व शिक्षा अभियान और भारत रत्न सम्मान के बारे में।

बाधाएँ आती हैं आएँ

घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,

पावों के नीचे अंगारे,

सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,

निज हाथों में हँसते-हँसते,

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क़दम मिलाकर चलना होगा।??.

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आओ फिर से दिया जलाएँ

भरी दुपहरी में अंधियारा

सूरज परछाई से हारा

अंतरतम का नेह निचोड़ें-

बुझी हुई बाती सुलगाएँ।

आओ फिर से दिया जलाएँ

भरी दुपहरी में अंधियारा

सूरज परछाई से हारा

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अटल बिहारी जी की कविताओं के कुछ छंद आपके समक्ष साक्ष किए है-

कदम मिला कर चलना होगा

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भारत जमीन का टुकड़ा नहीं

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भारत जमीन का टुकड़ा नहीं

भारत जमीन का टुकड़ा नहीं,

जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।

हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है,

पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं।

पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं।

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प्रारंभिक जीवन और स्वतंत्रता संग्राम

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी एक स्कूल शिक्षक और कवि थे। वाजपेयी जी का राष्ट्रीय सक्रियता में प्रवेश उनके छात्र जीवन के दौरान हुआ, जिसके कारण उन्हें 1942 के ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वह एक कुशल कवि, प्रखर पत्रकार और 1951 में भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे।

संयुक्त राष्ट्र में ऐतिहासिक भाषण (1977)

मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री के रूप में, वाजपेयी जी ने 1977 में इतिहास रचा था। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिंदी में भाषण देने वाले पहले व्यक्ति बने, जिससे हिंदी भाषा को वैश्विक राजनयिक मंच पर सम्मान मिला और उन्हें देश भर में व्यापक सराहना मिली।

प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल और पोखरण-II

वाजपेयी जी ने तीन बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया (1996 में 13 दिनों के लिए, 1998 से 1999 तक 13 महीनों के लिए, और 1999 से 2004 तक एक पूर्ण कार्यकाल)। उनके नेतृत्व में, भारत ने मई 1998 में सफलतापूर्वक पोखरण-II परमाणु परीक्षण किया, जिससे कड़े अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद भारत एक परमाणु हथियार संपन्न देश बना। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया।

विकास और शैक्षिक सुधार

उनके प्रशासन ने देश के प्रमुख महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाले एक विशाल राजमार्ग नेटवर्क, महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने 2001 में क्रांतिकारी सर्व शिक्षा अभियान की भी शुरुआत की, जिससे 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त प्राथमिक शिक्षा को एक मौलिक अधिकार बनाया गया।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान और विरासत

लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया। साल 2015 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। स्वच्छ और जवाबदेह प्रशासन की उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए, उनकी जयंती (25 दिसंबर) को हर साल देश भर में सुशासन दिवस (Good Governance Day) के रूप में मनाया जाता है।

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