केदारनाथ में अब 12000 फुट ऊपर भी श्रद्धालुओं को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा, सिक्स सिग्मा कंपनी दे रही है स्वास्थ्य सुविधा

Aazad Staff

Inspirational Stories

सिक्स सिग्मा कंपनी के इन जाबाजों को सलाम, ऑफ डियूटू भी अपने कार्य के प्रती रहते है निष्ठावान।

देशभर में प्राकृतिक आपदा के दौरान हाई एल्टीट्यूट पर मेडिकल कैम्प लगाने वाली सिक्स सिग्मा कंपनी ने देश मे पहली बार केदारनाथ में 12 हज़ार फिट की ऊँचाई पर 10 बेड का फ्री अस्पताल खोला है।केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को ये मेडिकल कैम्प 12000 फुट ऊपर भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाएं मुहैया कराएगी।

आपको बता दें कि सिक्स सिग्मा देशभर में हाई एल्टीट्यूड मेडिकल पर मेडिकल कैम्प लगाने में अग्रसर है। जहाँ भी प्राकतिक आपदा आती है वहाँ यह टीम सबसे पहले पहुचती है। सिक्स सिग्मा की इस मानव सेवा पर केंद्र व राज्य सरकार ने सिग्मा को कई सारे अवार्ड से नवाजा है।

हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम के मेम्बर उज्ज्वल कौशिक ने जानकारी दी है कि डॉ. प्रदीप भारद्वाज जी बहुत ही नेक कार्य कर रहे है भारद्वाज जी ने अब इस सेवा का दायरा बढ़ाते हुए इस सेवा को केदारनाथ में देने का फैसला किया है और इस बात को सत्य साबित भी कर के दिखाया अब केदारनाथ में 10 बेड का अस्पताल खोला हुआ है और रोज करीब हजारो की तादाद में लोग अपना चेकअप करवाने आते है अस्पताल के साथ टीम ने अपने 3 कैम्प भी लगा रखे है जो थोड़ी-थोड़ी दूरी पर है।

केदारनाथ में 27 अप्रैल से लोगों को मेडिकल सर्विस दी जा रही है-

उज्ज्वल ने बताया कि उनके साथ उनके 5 साथी इस कैप का हिस्सा है जिन्होने कड़ी मेहनत व लगन से अपने कार्य को किया है। नितेश कौशिक,मयंक,हरीश वत्स,तुषार सिंह और शुभम सिंह यहाँ मेडिकल सर्विस देने आए थे उनमे से डॉ प्रदीप भारद्वाज जी ने मयंक और तुषार को श्री हेमकुण्ड साहिब मेडिकल सर्विस के लिए भेज दिया और उज्ज्वल, नितेश,हरीश और सुभम को केदारनाथ में ड्यूटी लगा दी इन्होंने 3 जून से ले कर 9 जून सुबह तक नॉनस्टॉप 144 घंटे ड्यूटी की जो अपने आप में काबिले तारीफ है। हालांकि इन पांचों को 9 जून को अचानक नीचे उतरना पड़ गया।

किसी कारण उज्जवल, हरीश,नितेश और सुभम नीचे तो उतरे लेकिन इनकी ड्यूटी यही पूरी नही हुई इन्होंने गौरीकुंड आ कर गुप्तकाशी के लिए गाड़ी की जैसे ही गुप्तकाशी पहुँचे वहाँ इन्हें ऋषिकेश के लिए कोई गाड़ी नही मिली करीब 2 घंटे बाद वहाँ पर एक जीप आई जीप वाले ने बोला कि वो रुद्रप्रयाग तक जाएगा वहाँ से ऋषिकेश के लिए बहुत गाड़ी मिलती है हाई एल्टीट्यूड की टीम जीप में बैठ ली साथ मैं और भी लोग बैठे थे जैसे ही जीप रुद्रप्रयाग पहुँचने वाली थी वैसे ही इस टीम को बस दिखी जो हरिद्वार तक जा रही थी टीम ने बस ले ली बस जैसे ही रुद्रप्रयाग पहुँची वहाँ पर 2 किलोमीटर लंबा जाम था वहाँ पता चला कि हिमस्खलन हो रहा है और एक बस फसी हुई है और पहाड़ से बड़ी तादाद में पत्थर खिसक रहे है।

 जैसे ही इस बात की खबर नितेश कौशिक को हुई उसे अपनी टीम के बाकी मेम्बरों को साथ लिया और फसी हुई बस के पास पहुचे और एक एक कार सभी 41 सवारियों को सुरक्षित निकाला और काफी मस्सकस के बाद बस को भी निकलवाया और एक एक कर सभी गाड़ियों को निकलवाया।

 उज्ज्वल, नितेश,हरीश और सुभम को लोगो ने बहुत सहराया और इन सभी का बहुत बहुत धन्यवाद किया उसके बाद यह टीम बस में बैठ कर हरिद्वार के लिए निकली शिवपुरी के पास फिर हिमस्खलन हो रहा था इस टीम ने फिर से कंधे से कन्धा मिला कर जाम खुलवाया उसके बाद यह टीम हरिद्वार पहुँची हरिद्वार से 6 किलोमीटर पहले बहुत लंबा जाम था यह टीम एक बार फिर खड़ी हुई जाम को खुलवाने के लिए जो पुलिस वाले वहाँ काम कर रहे थे टीम के मेम्बर उज्ज्वल कौशिक अपने 3 और साथियो के साथ पहुँचे पुलिस कर्मियो से बात करने पर पता चला कि लोग मान नही रहे है और उल्टी साइड गाड़ी लगा दे रहे है जिसकी वजह से जाम बढ़ता जा रहा है।

 सुभम ने बोला कि हम जाम खुलवाने में आपकी मदद करेंगे बस फिर क्या था पुलिस और हाई एल्टीट्यूड के चारो साथियो ने मिल कर करीब 4 घंटे की कड़ी मस्सकस के बाद पूरा जाम खुलवाया और यह जज्बा देख कर उत्तराखंड पुलिस के जवान S. I सरिता यादव और साथ मे कई साथियो को बहुत सरहाया इसके बाद यह टीम हरिद्वार पहुँची तो बस में बैठे यात्रियो ने इन चारो की भूरी भूरी प्रशंशा की और इनकी  लंबी उम्र की कामना की  उज्जवल ने बताया कि वो ऐसे ही सच्चे मन से सेवाए देते रहेंगे चाहे हाई एल्टीट्यूड और या लौ एल्टीट्यूड

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.